- हैवानियत के माहौल में इंसानियत खोजने चला था मैं,
जैसे राई के संसार में एक तिनका खोजनें चला था मैं - उलझनों से उलझता हुआ मैं,
अब इस कदर नीचे आ चुका हूँ
कि भले ही मुझे दिख जाए एक छोटी -सी रौशनी,
पर वो भी मेरे लिए अँधेरे से कम नहीं
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हैवानियत के माहौल में इंसानियत खोजने चला था मैं, जैसे राई के संसार में एक तिनका खोजनें चला था मैं उलझनों से उलझता हुआ मैं, अब इस कदर नी...
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This is my weblog, and my name is Chandra Shekhar. The site where I publish all of my blogs, articles, editorials, poetry, and writings, amo...
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हैवानियत के माहौल में इंसानियत खोजने चला था मैं, जैसे राई के संसार में एक तिनका खोजनें चला था मैं उलझनों से उलझता हुआ मैं, अब इस कदर नी...
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